मेरठ। वंचित समाज को वर्गीकरण के आधार पर आरक्षण दिलाने को लेकर वाल्मीकि समाज ने वंचित वर्ग संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश का गठन किया। समिति के संचालन के लिए वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता विनोद कुमार बेचैन को संयोजक, रविंद्र कुमार वैद को अध्यक्ष व विनेश विद्यार्थी को मुख्य महामंत्री के रूप में चुना गया।
बुधवार को समिति के मीडिया प्रभारी लोकेश टंडन द्वारा यह जानकारी सर्किट हाउस (एनेक्सी) में आयोजित प्रेसवार्ता में दी गई। वार्ता को समिति के पदाधिकारियों द्वारा संबोधित किया गया जिसमें संयोजक विनोद कुमार बेचैन ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति को उप वर्गीकरण के आधार पर आरक्षण का लाभ दिलाने समिति पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। जिसकी शुरुआत 28 नवंबर को कमिश्नरी पार्क में एक दिवसीय सांकेतिक धरने से की जायेगी। इस दौरान मंडल आयुक्त के माध्यम से ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को भेजा जाएगा। उनसे अनुरोध किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमली जामा पहनाते हुए हरियाणा समेत अन्य प्रदेशों की तरह उत्तर प्रदेश में भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया जाए। अध्यक्ष रविंद्र कुमार वैद ने कहा यदि एक दिवसीय सांकेतिक धरने के बाद शासन मांग पर विचार नहीं करता है तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन चलाया जाएगा। मुख्य महामंत्री विनेश विद्यार्थी ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की जिस तरह की कार्यशैली है, उससे प्रतीत होता है कि वह अवश्य ही इस मांग पर विचार करते हुए तत्काल आरक्षण का लाभ सम्बन्धित सभी वंचित वर्गों को देने का ऐतिहासिक निर्णय लेंगे। प्रेसवार्ता में वरिष्ठ समाजसेवी एवं समिति के समर्पित सदस्य मोनिन्दर सूद वाल्मीकि का भी योगदान रहा। वार्ता के दौरान शुभम ऊंटवाल को सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। इस दौरान महर्षि वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम रामचंद्र वाल्मीकि, खटीक समाज से एडवोकेट उमाशंकर, समिति की महामंत्री शालिनी सिंह मसीह, अजय, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र ढिंगिया, आरके बौद्ध, प्रहलाद सिंह वीर, शिव कुमार नाज, अजय सिंह महरोलिया, संजय टांक, पदमा जॉनसन, नरेश सिलेलान, नरेंद्र सागर, मुकुल गहलोत, अनीता मिलन, रंजीत सावंत, महेश बक्सर, नीरज टांक, सुनील मनोठिया, चैधरी सुन्दर लाल भुरंडा व मनोज टांक आदि उपस्थित रहे।

