मेरठ। किसी भी बच्चे के परिजन अपने बच्चे को स्कूल अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए भेजते है, इसके लिए वह मोटी धनराशी फीस के रूप में देते है। लेकिन तक क्या हो जब स्कूल में बच्चा पढ़ाई के समय सहमा रहे, खुद को असुरक्षित महसूस करे जिस वजह से उसका मन पढ़ाई में भी न लगे। जी हां ऐसा ही कुछ माहौल है लोहिया नगर स्थित सत्यकाम इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल का।
स्कूल की प्रिंसिपल रश्मि मिश्रा ने स्कूल के छह ट्रस्टियों गिरीश कुमार शर्मा पुत्र दयानंद शर्मा, अमित कुमार पुत्र दयानंद शर्मा, राहुल शर्मा पुत्र दयानंद शर्मा, दयानंद शर्मा, शिखा शर्मा, राहुल अग्निहोत्री पुत्र सत्यप्रकाश, अंकुर कुमार व दो अन्य अज्ञात जिनमें एक महिला भी है पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। अपोजीशन को मिली एफआईआर की काॅपी में रश्मि मिश्रा ने सभी आठ आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए है जिनमें कहा गया है कि यह सभी 20 से 25 अज्ञात लोग जिनमें से कुछ बाउंसर के रूप में नजर आ रहे थे को लेकर स्कूल में घुस आए। इसी दौरान गिरीश कुमार शर्मा, अमित कुमार शर्मा व राहुल शर्मा ने अपनी अंटी से पिस्टल लगा रखी थी जिनसे पीड़िता को डराया गया। जब प्रिंसिपल ने गार्ड को मौके पर बुलाने की कोशिश की तो सभी आरोपियों ने उसे गंदी व अभद्र गालियां देनी शुरू कर दी। सीसीटीवी कैमरों के तार भी तोड़ दिए। पीड़िता को कांफ्रेंस रूम में लाकर गेट बंद कर लिया। आरोपियों ने पीड़िता से सभी पासवर्ड व स्कूल की गोपनीय सूचनाएं मांगी। इस दौरान पिस्टल के बलबूते पीड़िता की वीडियो भी बनाई, और उसके साथ गाली-गलौच करते हुए धक्का-मुक्की की जिसमें वह जमीन पर गिर पड़ी। जमीन पर गिरने के बाद भी सभी आरोपियों ने पीड़िता को लात-घूसों से पीटा। पीड़िता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसे व स्कूल के मेनेजर अनुज शर्मा को धमकी दी कि वह उन्हें स्कूल चलाना सिखाएंगे। आरोप है कि उसे काफी देरतक कांफ्रेंस हाॅल में बंधक बनाकर रखा गया। आरोपियों ने समय से पहले ही स्कूल की छुट्टी भी करा दी जिससे बच्चों में दहशत फैल गई। एफआईआर में बताया गया है कि इस पूरे प्रकरण को काॅ-आर्डिनेटर अगरप्रीत कौर, सिमरन त्रिखा, नीलू गर्ग, ऋतु सक्सेना ने भी अपनी आंखों से देखा है। इसके बाद दिनांक 9 अक्टूबर 2025 की शाम करीब साढे़ छह बजे दयानंद शर्मा, अमित कुमार शर्मा, राहुल शर्मा सभी पुत्र दयानंद शर्मा निवासी साउथ अफ्रीका व राहुल अग्निहोत्री उर्फ अंकुर पुत्र सत्यप्रकाश निवासी आगरा व 20 अज्ञात लोग फिर स्कूल पहुंचे और मौके पर मौजूद सुरक्षागार्ड व अन्य लोगों पर लाठी, कुल्हाड़ी व धारदार हथियारों के बल पर डराया-धमकाया। एफआईआर को लेकर ट्रस्टी पक्ष की मीडिया कार्डिनेटर जूही त्यागी का कहना है यह पूरा प्रकरण गलत है, जिस प्रिंसिपल ने यह एफआईआर दर्ज कराई है उसे काफी समय पहले स्कूल से निकाला जा चुका है। अब उसने मेनेजर के साथ मिलकर स्कूल पर कब्जा कर लिया है जिसके बाद यह पूरा विवाद पैदा हुआ।
कुल मिलाकर स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में यह स्पष्ट किया गया है कि वहां पढ़ने वाले बच्चें इस पूरे प्रकरण को लेकर काफी दहशत में आ गए थे। अब सवाल यह कि जबतक यह प्रकरण चलेगा तबतक बच्चों के भविष्य और शिक्षा का जिम्मेदार कौन होगा।

