- वोट बैंक की राजनीति में पनपता रहा अरबों का अवैध कारोबार
- निगम की टूटी नींद, अब बुलडोजर की तैयारी
मेरठ। मलियाना फाटक क्षेत्र में नगर निगम की अतिक्रमण टीम ने वह कर दिखाया जिसकी चर्चा पिछले कई दशकों से केवल ‘गुपचुप’ होती थी। निगम के प्रवर्तन दल और कई बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में मलियाना पुल के नीचे और आसपास बने 40 साल पुराने खोखों पर लाल निशान लगाकर खाली करने की चेतावनी दी गई है। निगम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यहां बुलडोजर चलाकर पूरा इलाका अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मलियाना पुल के नीचे करीब 120 से ज्यादा खोखे दशकों से कब्जा जमाए बैठे हैं। इन खोखों पर बिजली के मीटर तक लगे हुए हैं और कई जगह दीवारें खड़ी कर इन्हें पक्के ढांचे का रूप दिया जा चुका है। यही नहीं, इनमें से अधिकांश खोखे वाले पहले ही पक्की दुकानें खरीद चुके हैं, लेकिन फिर भी निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर कारोबार कर रहे हैं। - अवैध खोखों का 1 से 30 लाख तक रेट, सब कैश में सौदा
मिली जानकारी के अनुसार अवैध खोखे केवल जमीन पर कब्जा नहीं बल्कि अरबों का अवैध कारोबार भी बन चुके हैं। एक खोखा 1 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक में खरीदा-बेचा जाता है। कई लोगों ने तो इसे बाकायदा प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा बना लिया है। डीलर 5 लाख में खोखा लेकर 6 लाख में बेच देते हैं, और सारा लेन-देन कैश में होता है। यानी नगर निगम की जमीन हजारों बार बेची और खरीदी जा चुकी है, वह भी अधिकारियों और नेताओं की नजरों के सामने। - वोट बैंक की राजनीति बनी सबसे बड़ी ढाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 40 साल से यह अतिक्रमण केवल इसलिए बचा रहा क्योंकि नेताओं ने खोखों को अपना वोट बैंक बना लिया था। हर बार कार्रवाई की बात उठी, नेताओं और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यही वजह है कि इतना बड़ा घोटाला खुली आंखों से चलता रहा और मेरठ प्रशासन आंख मूंदे रहा। - पुल जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सबसे खतरनाक बात यह है कि अतिक्रमण के कारण मलियाना पुल जर्जर हालत में पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर भारी भार और नीचे फैले अतिक्रमण के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों लोगों की जान जा सकती है। इसके बावजूद नेताओं की गंदी राजनीति ने इस खतरे को वर्षों तक अनदेखा किया। - अब निगम हुआ सख्त, कैंसर रूपी अतिक्रमण का नंबर आया
शुक्रवार की कार्रवाई में नगर निगम प्रवर्तन दल और कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने लाल निशान लगाकर खोखों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया और साफ किया कि अब कोई भी राजनीतिक दबाव या वोट बैंक की ढाल इस अतिक्रमण को नहीं बचा पाएगी।
40 साल से पसरे इस कैंसर रूपी अतिक्रमण का अब अंत निश्चित है। आने वाले दिनों में बुलडोजर चलकर मलियाना पुल के नीचे का पूरा क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

