मेरठ। मैक्स हाॅस्पिटल वैशाली के डाक्टर ने मेरठ के दो ऐसे मरीजों को नई जिंदगी दी है जो हाई रिस्क वाले गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी जीआई कैंसर से ग्रसित थे। अस्पताल में जटिल मिनिमली इनवेसिव सर्जरी से दुर्लभ जीआई कैंसर का सफल इलाज किया।
गुरूवार को मैक्स सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल वैशाली के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंड हेपेटो-पैक्रिएटो-बिलिपरी (जी एंड एचपीबी) सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. विवेक मंगला ने बताया कि 72 वर्षीय मरीज गोपाल जिन्हें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ पीलिया और खुजती की शिकायत थी। मरीज की जांच में पाया गया कि उनके बाइल डक्ट के पास एक ट्यूमर है जो उसे ब्लॉक कर रहा था। यह एक जटिल समस्या थी, जिसके लिए एडवांस्ड सर्जरी की आवश्यकता थी। मूल्यांकन के बाद उनकी टीम ने मिनिमती इनवेसिव व्हिपल सर्जरी के जरिए ट्यूमर को हटा दिया। उचित चिकित्सा और पोषण देखभाल के बाद मरीज की स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी कर दी गई और अब वह सामान्य जीवन जी रहे हैं।
डॉ. मंगला आगे बताया 43 वर्षीय मरीज समरेन्द्र कुमार को कई महीनों से मलाशय से रक्तस्राव, पेट फूलना और मल त्याग की आदतों में बदलाव की शिकायत थी। जांच में उन्हें एडवांस्ड रेक्टल कैंसर पाया गया। लम्बे समय तक दी गई कीमोरेडियोथेरेपी से ट्यूमर काफी घट गया, जिसके बाद उनकी मिनिमली इनवेसिव रेक्टल सर्जरी की गई और उपचार को बेहतर बनाने के लिए अस्थायी बाउल डाइवर्जन किया गया। उनकी रिकवरी सुचारू रही और जांचों में पुष्टि हुई कि ट्यूमर पूरी तरह से हटा दिया गया है तथा लिम्फ नोड्स में कैंसर नहीं फैला है। वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्वार्ज हुए और अब कैसर-मुक्त जीवन जी रहे हैं।
यह दोनों केस मैक्स अस्पताल, वैशाली की पर्सनलाइज्ड और मल्टी डिसिप्लिनरी कैंसर देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को दशति हैं, जिसमें समय पर निदान, आधुनिक उपचार प्रोटोकॉल और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों का संयोजन है। इन सफल परिणामों ने यह पुनः सिद्ध किया है कि मैक्स अस्पताल वैशाली जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के उपचार में अग्रणी केंद्र है और कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे मरीजों व उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आता है।

