मेरठ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तर प्रदेश के लगभग 98 हजार संविदा कार्मिकों को अगस्त माह से अब तक वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने की वजह से जनपद समेत प्रदेशभर के कार्मिक गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डाॅ विनोद द्विवेदी ने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बताते चलें कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के जन्मदिन यानी 17 सितम्बर से स्वास्थ्य नारी, सशक्त परिवार अभियान की शुरूआत की थी जो 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती तक चलाया गया। अभियान का लक्ष्य प्रदेश की प्रत्येक महिला को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाना रहा, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में महिलाओं की देखभाल करने वाली लगभग 3.5 लाख एनएचएम महिला कार्मिक और आशा बहनें स्वयं वेतन न मिलने से परेशान हैं। भारत सरकार ने महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए अनेक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, परंतु प्रदेश स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही व मनमानी के कारण वेतन भुगतान अटका हुआ है। यह स्थिति न केवल कार्मिकों के जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नकारात्मक असर डाल रही है।
गुरूवार को संघ की ओर से प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया जिसमें जनपद के समस्त कार्मिकों का लंबित वेतन तत्काल भुगतान करने, लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, अभियान के सफल संचालन के लिए पहले कार्मिकों को सशक्त करने और केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित कर्मचारी हित में लिए गए निर्णयों को प्रदेश में तत्काल लागू किये जाने की मांग शामिल रही। इसके साथ ही जल्द से जल्द वेतन का भुगतान नहीं होने व कर्मचारी हित के अनुमोदित निर्णयों को लागू नहीं किये जाने पर संयुक्त राष्ट्रीय संघ द्वारा आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी है।


