मेरठ। बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र चैधरी चरण सिंह विवि में कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने करीब दो घंटे तक सीसीएस से संबंधित निजी काॅलेजों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सुबह करीब 11 बजे चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर छात्र नेता विजित तालियान के नेतृत्व मे सैंकडो की संख्या मे छात्र एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पर पहुँचे। मौके पर पहले से ही मौजूद पुलिस व मेडिकल थानाध्यक्ष ने विजित को रोकने की कोशिश जिसपर छात्र भड़क गए। छात्रों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई जिसके बाद छात्र पुलिस को धकेलते हुए कुलपति कार्यालय में जा घुसे। इस दौरान पुलिस व छात्रो के बीच जमकर बहस हुई और छात्र नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके बाद कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक छात्रो के बीच पहुंचे और समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया। छात्र नेता विजित तालियान का आरोप था कि निजी कॉलेजो ने आतंक मचाया हुआ है, विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न निजी कॉलेजो मे छात्रो के साथ अभद्र व्यवहार, अवैध वसूली, प्रैक्टिकल शुल्क एवं अन्य मनमाने शुल्कों के माध्यम से आर्थिक शोषण की शिकायतें लगातार सामने रही है। इन घटनाओं से छात्रों मे रोष एवं असंतोष व्याप्त है। इस वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन की छवि भी प्रभावित हो रही है। ऐसे कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से यह धारणा निर्मित हो रही है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन संस्थानों को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय तथा तंत्र के प्रति छात्रों का विश्वास कमजोर पड़ रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था एवं छात्रहित दोनों के लिए हानिकारक है।
मुजफ्फरनगर जिले के कस्बा बुढ़ाना स्थित डीएवी कॉलेज में घटित वह दर्दनाक घटना, जिसमें प्रशासनिक प्रताड़ना से पीड़ित एक छात्र को आत्महत्या जैसे कदम के लिए बाध्य होना पड़ा, वह इस स्थिति का दुखद उदाहरण है। छात्रो ने निजी काॅलेजों पर कार्रवाई की माँग करते हुए विवि प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जिसमें मांग की गई कि ऐसे कॉलेजों की तत्काल पहचान के लिए उच्च स्तरीय विशेष जाँच समिति का गठन किया जाए। समिति द्वारा विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रत्येक महाविद्यालय की प्रतिवर्ष भौतिक सुविधाओं, प्रबंधन व्यवहार, शुल्क संरचना एवं संबद्धता के सभी निर्धारण-मानकों की जाँच की जाए। दोषी पाए जाने वाले कॉलेजों के खिलाफ नियमानुसार कठोर, अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नए सत्र के छात्र छात्राओ की नई शिक्षा प्रणाली के तहत 90 दिन की कक्षा कराने के बाद ही परीक्षा करायी जाए। इस दौरान रोहित , तरुण सहरावत, रक्षित,दक्ष चैधरी, प्रियवर्त,ऋतिक, जतिन व भव्य आदि शामिल रहे।


