मेरठ। सर्वाइकल कैंसर देश ही नहीं बल्कि प्रदेश में भी महिलाओं के बीच गंभीर समस्या है। पूरे देश में हर साल लगभग 1,23,907 महिलाएं कैंसर रोग से प्रभावित होती हैं और करीब 77,348 महिलाओं की मृत्यु इस बीमारी से होती है। भारत में इसकी अनुमानित दर लगभग 12.1 प्रति एक लाख महिलाओं में है और मृत्यु दर लगभग 9-11 प्रति एक लाख महिलाओं के आसपास है।
सर्वाइकल कैंसर की उत्तर प्रदेश में स्क्रीनिंग दर बहुत कम है, जबकि पूरे देश में कराए गए सर्वे से पता चला है कि 30-49 वर्ष की आयु की लगभग 2.5 करोड़ महिलाओं में से सिर्फ 1.5ः ने ही कभी सर्वाइकल कैंसर की जांच कराई है। वहीं, उप्र में 2016-18 के डेटा के अनुसार कैंसर के अनुमानित मामलों की संख्या 17,156-17,420 व 17,687 रही है।
यह रोग महिलाओं में अत्यधिक मृत्यु दर का कारण बनता है। सर्वाइकल कैंसर से लगातार पेट दर्द, अनियमित रक्तस्राव, पेशाब में कठिनाई, थकान और गर्भधारण संबंधी जटिलताएं जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। देश में महिलाओं की होने वाली मौतों में सबसे सामान्य कारणों में से भी यह एक है।
इसी को ध्यान में रखते हुए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को मेडिकल में दो दिवसीय कैंसर रोग जागरूकता के साथ उपचार शिविर का आयोजन किया गया। सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर की नोडल अधिकारी डॉ नीलम गौतम ने जानकारी दी कि 431 महिलाओं को शिविर से लाभ मिला, जबकि 74 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की गई। शिविर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शगुन के मार्गदर्शन में डॉ मोनिका व डॉ अनुपम द्वारा आयोजित किया गया। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले नगरीय स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र सूरजकुंड में भी डॉ सीमा जैन की उपस्थिति में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जहां 50 से अधिक महिलाओं को लाभ मिला। कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के कैंप को आयोजित करने के लिए कहा।


