मेरठ। जिले में पत्रकारिता जैसे सम्मानित पेशे को बदनाम करने वाले कथित पत्रकारों की करतूतें गाहे-बगाहे सामने आती रहती है। लेकिन अब जो प्रकरण सामने आया है उसमें एक कथित पत्रकार पर समाजवादी पार्टी के जिम्मेदार व रसूखदार नेताओं जिनमें पूर्व कैबनेट मंत्री शाहिद मंजूर, सपा नेता चै. राजपाल सिंह समेत शहर विधायक रफीक अंसारी व पूर्व विधायक योगेश वर्मा तक को ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। चार साल पहले इस पत्रकार के खिलाफ थाना सिविल लाइन्स में मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन तारीख पर नहीं आने की वजह से नाॅन बेलेबल वारंट जारी हो गया। इसके बाद कथित पत्रकार ने जमानत याचिका दायर की जिसे बीते मंगलवार यानी 9 दिसंबर को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजुम सैफी ने खारिज कर दिया।
प्रकरण को लेकर शिकायतकर्ता एड. चै. राजपाल सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जिसमें उन्होंने बताया कि इस तरह के लोग पत्रकारिता जैसे सम्मानित पेशे को बदमनाम कर रहें है, इन्हें पत्रकार कहना सही नहीं होगा। अंत में उन्होंने यही कहा कि यह कथित पत्रकार जेल जरूर जाएगा।
सुनिए कमिश्नर साहबः पड़ौसी कर रहा परेशान, नहीं हो रही सुनवाई
सुनिए कमिश्नर साहबः पड़ौसी कर रहा परेशान, नहीं हो रही सुनवाई
मेरठ। कंकरखेड़ा क्षेत्र के रहने वाले एक परिवार ने पड़ौसी से खतरा बताते हुए कमिश्नर से मदद की गुहार लगाई। पीड़ित पक्ष का कहना है पिछले दो साल से यह मामला चल रहा है जिसकी शिकायत कई बार मेडा के अधिकारियों व संबंधित थाना पुलिस से भी की गई लेकिन कोई मदद नहीं हुई।
गुरूवार को परिवार के साथ कमिश्नर से मदद की गुहार लगाने पहुंचे संजय कुमार निवासी एल-7/104 श्रद्धापुरी फेस-1 कंकरखेड़ा ने पड़ौस के रहने वाले सुमित नाम के व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि संजय अपने मकान के निर्माण के दौरान पीड़ित पक्ष के मकान का हवा-पानी बंद करना चाहता है। विरोध करने पर पूरे परिवार को भुगत लेने की धमकी दी जाती है। परिवार में छोट-छोटे बच्चे है जो हर समय दहशत में रहने को मजबूर है। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने कई बार मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस से भी शिकायत की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। पीड़ित परिवार बड़ी उम्मीदों के साथ कमिश्नर से मदद की आस लेकर मिला।

