मेरठ। आसाम छोड़कर पिछले 25 साल से मेरठ में रहने वाले 140 परिवारों के साढ़े आठ सौं सदस्यों की अलग ही कहानी है। इन परिवारों के लोगों का दावा है आसाम में कम मजदूरी मिलने की वजह से यह मेरठ में रहकर अपने परिवारों को पाल रहें हैं। मूलभूत सुविधाओं के आभाव में रहने वाले यह परिवार कूड़ा बीनकर पैसा कमाते है जिससे यह अपना खर्च चलाते हैं।
हापुड़ रोड स्थित झुग्गीयों में रहने वाले परिवार के लोगों ने बताया कि उनके पास आधार कार्ड से लेकर वोटर आईडी कार्ड व राशन कार्ड और पैनकार्ड तो है लेकिन वह आसाम के गुवाहाटी शहर के पते पर बने हैं। यह लोग यहां रहते तो है लेकिन इनकी शादी आसाम के परिवारों में ही होती है। शादी के बाद यहां रहते हुए जब दंपत्ति के यहां कोई बच्चा पैदा होता है तो उसका जन्म प्रमाण पत्र भी आसाम का ही बनवाया जाता है। यदि डिलीवरी मेरठ के किसी अस्पताल में होती है तो उसका प्रमाण पत्र मिलता है जो यहां का होता है, लेकिन उसमें बाद में आॅनलाइन आसाम के पता दर्ज कराया जाता है।

